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स्वास्थ्य मंत्री ने किया मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण, अस्पताल को ई-हॉस्पिटल बनाने का दिया आदेश

  • 29/04/2017

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में योगी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह वाराणसी के मंडलीय अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंचे। पूर्व सूचना के मुताबिक देर शाम को निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री को देख कर अधिकारियों में अफरा तफरी थी पर इस बार अस्पताल को पूरी तरह से गंदगी मुक्त रखने की कोशिश की गयी थी। मंत्री ने अस्पताल ओपीडी से लगायात वार्ड इमरजेंसी वार्ड और ओटी का निरीक्षण किया और कहा कि आने वाले दिनों में यहाँ आईसीयू और वेंटिलेटर भी होगा।

मंत्री जी के जाने के बाद मरीजों ने बताया की अस्पताल में इतनी अच्छी व्यवस्था तो मंत्री जी के आने की वजह से थी। निरीक्षण के दौरान मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अस्पताल की कमियों को लेकर अधिकारियों को फटकार भी लगाई। इमरजेंसी में किसी तरह की ऑनलाइन रिकार्ड दर्जन नहीं होने से नाराज हुए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किया कि एक हफ्ते के अंदर अस्पताल को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाये और सभी रिकार्ड को मैनुअल के साथ ऑनलाइन भी दर्ज करने की हिदायत दी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल की कमियों को देख कर बहुत दुख हुआ और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी घनी आबादी वाले इस अस्पताल की हालत इतनी बुरी है कि इसके बारे में कुछ कहने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में इतने बड़े अस्पताल में एक आईसीयू और वेंटीलेटर नहीं है बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सारी सुविधाओं को शुरु कराने के लिए जो रिपोर्ट पहले से बना कर रखी गयी है उसे देने को कहा और जल्द से जल्द इन सुविधाओं को शुरु करने की बात कही। अस्पताल में ज्यादातर डाक्टर बीस साल से तैनात है के सवाल पर मंत्री ने चौकाने वाला बयान दिया।उन्होंने कहा कि अभी तक ट्रांस्फर नीति ही नहीं बनी है अब एक हफ्ते के अंदर पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर तबादले किये जायेंगे। डाक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उनके पास 270 सरकारी डॉक्टरों की सूची आयी है और उन पर कार्रवाई भी शुरु हो चुकी है और उन्होंने डाक्टरों से निवेदन किया कि वे उनकी सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर ना करे। डाक्टरों ने जो शपथ लिया था उसे याद करे और इम्पलीमेंट भी करे।