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कभी उधार की किट और मैगी से होता था क्रिकेटर हार्दिक पांडया का गुजारा, आज करोड़पति है

  • 11/10/2017

स्पोर्ट्स डेस्क, 11 अक्‍टूबर। भ्‍ाारतीय क्रिकेट टीम के स्‍टार खिलाड़ी हार्दिक पंड्या गुरूवार को अपना 25वां जन्‍मदिन मना रहे है। पंड्या कुछ ही वक्त में टीम के सबसे उभरते क्रिकेटर बन चुके हैं और उनकी तुलना टीम के पूर्व स्टार ऑलराउंडर कपिल देव से भी होने लगी है। उनकी ऑलराउंडर परफॉर्मेंस के बाद ही उन्हें हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खत्म हुई वनडे सीरीज में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया था। हार्दिक आज करोड़पति हैं लेकिन कुछ साल पहले तक ऐसा नहीं था। उनका बचपन बेहद मुश्किलों के बीच बीता। हार्दिक पंड्या का जन्म 11 अक्टबर 1993 को गुजरात के सूरत में रहने वाले हिमांशु पंड्या के घर हुआ। उनके पिता कार फाइनेंस का छोटा-सा बिजनेस करते थे। हार्दिक जब पांच साल के थे तो उनके पिता ने लगातार हो रहे घाटे को देखते हुए कार फाइनेंस का बिजनेस बंद कर दिया। इसके बाद वे परिवार समेत बड़ौदा शिफ्ट हो गए। वहां वे किराए के मकान में रहने लगे। पंड्या के पिता हिमांशु की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कई बार ऐसी भी नौबत आई कि हार्दिक और उनके बड़े भाई क्रुणाल को दिन में एक बार ही खाना मिल पाता था। हार्दिक के मुताबिक एक बार उनके पिता को एक ही रात में दो बार हार्ट अटैक आ गया। वहीं छह महीने के दौरान एक और हार्ट अटैक आ गया। उनकी फैमिली के आर्थिक हालात वहीं से बिगड़ना शुरू हो गए। खराब होती सेहत के कारण उनके पिता की नौकरी भी चली गई। एक इंटरव्यू के दौरान हार्दिक ने अपने संघर्ष के बारे में खुलासा करते हुए बताया था। हार्दिक के मुताबिक 'जब मैं अंडर-19 टीम में था, उस वक्त सुबह-शाम मेरी डाइट मैगी हुआ करती थी। वो मुझे पसंद तो थी ही, लेकिन उस वक्त हमारी आर्थिक स्थिति ही कुछ ऐसी थी, कि हमारे लिए दो वक्त खाने का इंतजाम करना भी मुश्किल था। हार्दिक कहते हैं कि 'अब मैं जो चाहूं वो खा सकता हूं, लेकिन उस वक्त हमारे परिवार में काफी दिक्कतें थीं, खासकर फाइनेंशियल दिक्कतें थीं। पंड्या के मुताबिक 'अंडर-16 के दिनों में आपका काफी कुछ खाने-पीने का मन करता है, और उस वक्त कंट्रोल करना काफी मुश्किल होता है। लेकिन मुझे वो भी करना पड़ता था। हालांकि यहां तक का सफर काफी शानदार रहा है।'