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एक नवंबर को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह देंगे अशाीष्‍ा नेहरा

  • 15/10/2017

नई दिल्ली,15 अक्‍टूबर। क्रिकेटर अशीष नेहरा का पूरा करियर चोट और सर्जरी से लड़ते हुए बीता है। क्रिकेट करियर के दौरान उनकी 12 बार सर्जरी हुई हैं और कई बार छोटे-मोटे ट्रीटमेंट हुए हैं। एक बार उनसे जब इतनी चोटों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा था कि उनकी बॉडी में इंजरी नहीं है, इंजरी में बॉडी फंसी हुई है। नेहरा जब सोकर उठते हैं, खासकर दिल्ली की सर्दियों में तो उनके घुटने में जबर्दस्त दर्द रहता है। उन्हें बेड से उठने और चलने में ही करीब आधा घंटे का वक्त लग जाता है। चार बार तो उनके टखने की सर्जरी हो चुकी है। बता दें कि नेहरा ने हाल ही में संन्यास का एलान किया है। वे एक नवंबर को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह देंगे। नेहरा कहते हैं कि क्रिकेट खेलते रहने के लिए आपको मेहनत तो करनी पड़ेगी। इसके लिए कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बॉडी को रोज 3-4 घंटे देने होंगे। वो कहते हैं कि अगर आपको बार-बार चोट लगती है तो आपको दूसरे खिलाड़ियों से ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा है कि आने वाली 1 नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाला टी-20 मैच उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच होगा। टीम इंडिया के खास गेंदबाज रहे नेहरा ने 24 फरवरी 1999 में डेब्यू किया था, तब से लेकर आने वाले 1 नवंबर तक उनका इंटरनेशनल क्रिकेट कॅरिअर 6826 दिन का हो जाएगा, लेकिन अपनी चोट के चलते वे इंटरनेशनल मैचों के लिए 223 दिन ही मैदान में रहे हैं। उन्होंने 120 वनडे, 17 टेस्ट और 26 इंटरनेशनल टी-20 मैच खेले हैं। अगर वे न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और टी-ट्वेंटी मैच खेलते हैं तो इसमें एक दिन और जुड़ जाएगा। औसतन हर 10 वनडे मैच के बाद नेहरा की एक बार सर्जरी हुई है। नेहरा ने 2003 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचाने में खास किरदार निभाया था। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में 23 रन देकर 6 विकेट लिए थे। यह वर्ल्ड कप में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस है। इस मैच में नेहरा को उल्टियां भी हुईं, लेकिन परफॉर्मेंस यादगार रहा। इसके बाद के सालों में वे फिर चोट से परेशान रहे और 2 सितंबर 2005 से 26 जून 2009 के बीच में तो नेहरा ने एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप की टीम में उनकी वापसी हुई तो टूर्नामेंट में वो अच्छी लय में नजर आए, लेकिन सेमीफाइनल मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाज मिस्बाह-उल-हक का कैच लेने के चक्कर में अपनी उंगली तुड़वा बैठे। और इस बार फाइनल मैच से बाहर हो गए। बाद में नेहरा ने 2011-12 सीजन के घरेलू मैचों में वापसी की। इस दौरान उन्होंने आईपीएल भी खेला। 2012 से 2016 के बीच उन्होंने चार टीमों- पुणे वॉरियर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद- की तरफ से आईपीएल खेला। आईपीएल में वे 2015 में सबसे कामयाब रहे, जब उन्होंने चेन्नई की तरफ से टूर्नामेंट में 22 विकेट लिए और टॉप-5 विकेट टेकर्स में शामिल रहे। इसी के आधार पर उन्हें 2016 में ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाले टी-20 इंटरनेशनल मैच में और बाद में वर्ल्ड टी-20 के लिए टीम में जगह मिली। यह साल भी नेहरा के लिए अलग नहीं रहा है। इस साल इंग्लैंड के खिलाफ वे टी-20 सीरीज में आए, अच्छा परफॉर्मेंस भी रहा, लेकिन इसके बाद ही आईपीएल से हैमस्ट्रिंग की वजह से बाहर हो गए।