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बॉल टेम्परिंग मामला, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया स्टीव स्मिथ और वार्नर पर लगा सकता है लाइफटाइम बैन

  • 26/03/2018

सिडनी,26 मार्च। बॉल टेम्परिंग मामले में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में दिख रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीए स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर लाइफटाइम बैन लगा सकता है। इससे पहले, दोनों ने कप्तान और उप-कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया था। आईसीसी ने स्मिथ पर एक टेस्ट का बैन और पूरी मैच फीस का जुर्माना लगाया है। ऑस्ट्रेलिया में खेलों के लिए बनाए गए नियम 42 के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी चीटिंग करता है तो उस पर लाइफटाइम बैन लगाया जा सकता है। लाइफटाइम बैन घटना के परिस्थिति और की गई हरकत को देखकर लगाया जाता है। वहीं, सीए के नियम 4.2.2 में यह चीटिंग का मामला आता है। अगर स्मिथ और वार्नर पर लाइफटाइम बैन लगता है तो ऑस्ट्रेलियाई टीम से उनकी छुट्‌टी हो जाएगी। दोनों ही आईपीएल सहित आईसीसी से संबंधित किसी भी देश के घरेलू टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे। दोनों की ब्रांड वैल्यू गिर जाएगी। जितनी भी कंपनियों ने उनके साथ करार किया हुआ है, वे उनसे अलग हो सकती हैं। स्मिथ और वार्नर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के बड़े नाम हैं। दोनों ने मिलकर माइकल क्लार्क की कप्तानी में 2015 का वर्ल्डकप जिताया था। दोनों के हटने से 2019 वर्ल्डकप की राह कठीन हो जाएगी। इन दोनों के अलावा कोई खिलाड़ी ऐसा नहीं है जो पिछले पांच साल से लगातार नेशनल टीम के लिए खेला हो। ऐसे में एक कप्तान के साथ-साथ ओपनर की भी कमी हो जाएगी। दोनों को सजा होने पर दुनिया के सभी खिलाड़ियों के पास कड़ा संदेश जाएगा। आजतक बॉल टेंपरिंग को लेकर किसी भी खिलाड़ी पर लाइफटाइम बैन नहीं लगा है। दोनों पर बैन के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम के प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है। आईपीएल में स्मिथ और वॉर्नर नाम हैं। वॉर्नर ने सनराइजर्स हैदराबाद को 2016 में विजेता बनाया था, वहीं स्मिथ ने 2017 में पुणे सुपरजाइंट्स को फाइनल तक पहुंचाया था। दोनों के आईपीएल में न होने से स्टार खिलाड़ियों में कमी आएगी। वॉर्नर और स्मिथ का विकल्प ढूंढना सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के लिए आसान नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम को मजबूती देने वाले वार्नर बहुत से ब्रांड से जुड़े हुए हैं। इनमें एलजी, निकोलस, नाइन, टोयोटा, नेस्ले जैसे ब्रांड शामिल हैं। इस विवाद के बाद एलजी ने एक बयान में कहा, एक ब्रांड के रूप में हम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार लाना चाहते हैं। हमारा फोकस उस पर है, इन मूल्यों को दर्शाता है। यह हमारी प्राथमिकता है। जाहिर है लाइफटाइम बैन लगने पर वार्नर की ब्रांड वैल्यू घटेगी तो बहुत सी कंपनियां उनसे करार खत्म कर सकती हैं। ऑस्ट्रेलयाई क्रिकेटरों की इस हरकत के बाद जेंटलमैन कहे जाने वाले इस खेल की प्रतिष्ठा धूमिल होगी। यह सही है कि किसी भी खिलाड़ी की पहचान उसका खेल होती है, लेकिन खेल को महान उसे खेलने वाले खिलाड़ी ही बनाते हैं। ऐसे में स्मिथ, वार्नर, कैमरून बेनक्रॉफ्ट के बॉल टेम्परिंग करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ही नहीं पूरी दुनिया में क्रिकेट की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी। ऐसा नहीं है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने पहली बार क्रिकेट को शर्मनाक किया हो। एंड्रयू साइमंड्स और हरभजन सिंह विवाद आज भी भारतीयों के जेहन में ताजा होगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती गलतियों से सबक लिया होता तो शायद आज उसे यह शर्मनाक स्थिति नहीं देखनी पड़ती। इस बार जरूर उसने कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, उसे पहले से ही खिलाड़ियों को यह बता देना चाहिए कि टीम में बने रहने में उनके आचरण की भी अहम भूमिका होगी। फील्डर बॉल में किसी भी प्रकार का चेंज नहीं कर सकते हैं। अंपायर की देखरेख में वे बॉल से मिट्‌टी जरूर हटा सकते हैं। बॉल गीली होने पर किसी अप्रूव्ड कपड़े से उसे सुखा सकते हैं। खुरदुरा करने के लिए जानबूझकर ग्राउंड पर नहीं फेंक सकते हैं। अंगुलियों या अन्य किसी भी अर्टिफिशियल तरीके से उसे स्क्रैच नहीं कर सकते हैं।