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एशियाड में खराब अंपायरिंग के कारण भारतीय महिला कबड्डी टीम गोल्ड से चूकी, फाइनल में ईरान से हारी

  • 24/08/2018

जकार्ता,24 अगस्‍त। भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियाड में शुक्रवार को खराब अंपायरिंग के कारण स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई। खिताबी मुकाबले में ईरान के खिलाफ उसे 24-27 से हार का सामना करना पड़ा। खराब अंपायरिंग के कारण पूरे मैच में भारत को कम से कम 8 अंक का नुकसान हुआ। इससे पहले भारत ने रोइंग में 3 पदक जीते। रोइंग (नौकायन) की क्वाड्रूपुल स्कल्स स्पर्धा में भारत के स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओमप्रकाश और सुखमीत सिंह ने 6 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। पहला हॉफ खत्म होने के बाद भारतीय टीम 13-11 से आगे थी। लेकिन दूसरे हॉफ में अंपायर की गलती के कारण ईरान की टीम को 3 अंक मिले और भारतीय टीम 13-17 से पिछड़ गई। इस स्कोर पर भारत ने 2 अंक लिए, लेकिन ईरान भी एक अंक लेने में कामयाब रहा। खेल खत्म होने में 7 मिनट बचे थे। इसी समय भारतीय खिलाड़ी ने ईरान की एक खिलाड़ी को आउट किया, लेकिन अंपायर ने अंक नहीं दिया। टीवी रिप्ले में साफ दिख रहा था कि भारतीय खिलाड़ी ने प्रतिद्वंद्वी टीम की खिलाड़ी को टच किया था। इससे भारत को 2 अंक का नुकसान हुआ। इसके बाद भारतीय कप्तान पायल चौधरी ने 2 अंक जुटाए और स्कोर को 24-25 कर दिया। लेकिन यहीं एक बार फिर अंपायर ने गलती की और मैच भारत के हाथ से निकल गया। रोइंग में दुष्यंत कुमार ने सिंगल्स और रोहित कुमार-भगवान सिंह ने डबल्स में कांस्य दिलाया इससे पहले दिन की शुरुआत में भारत ने रोइंग में ही दो कांस्य पदक जीते। रोइंग में पदक जीतने वाले सभी भारतीय सैन्यकर्मी हैं। पुरुष लाइटवेट सिंगल्स में दुष्यंत ने 7 मिनट 18 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। इसके ठीक बाद लाइटवेट डबल स्कल्स में रोहित कुमार और भगवान सिंह ने भी कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। दोनों ने रेस पूरी करने के लिए 7 मिनट 4 सेकंड का समय लिया। दुष्यंत का एशियाई खेलों में दूसरा कांस्य पदक है। उन्होंने 2014 में इंचियोन एशियाड में भी कांस्य पदक जीता था। रोइंग को एशियाई खेलों में 1982 में शामिल किया गया था, लेकिन भारत को इस खेल में पहला स्वर्ण पदक जीतने में 28 साल लगे। 2010 ग्वांगझू एशियाड में भारत के बजरंग लाल ठाकुर ने सिंगल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से भारत अब तक रोइंग की सिंगल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाया है। क्वाड्रूपुल स्कल्स स्पर्धा को 2014 इंचियोन एशियाड में शामिल किया गया था, तब इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की टीम ने जीता था। उधर, 300 मीटर एयर रायफल शूटिंग में भारत के अमित कुमार और हरजिंदर सिंह पदक जीतने से चूक गए। हालांकि तैराकी में भारत के संदीप सेजवाल हीट राउंड में छठा स्थान हासिल कर फाइनल राउंड में पहुंच गए। इस एशियाई खेलों में भारत के अब 5 स्वर्ण समेत कुल 21 पदक हो गए हैं। शूटिंग में हिना सिद्धू ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 219.2 अंक बनाए। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की कियान वांग और रजत पदक कोरिया की किम मिनजुंग ने अपने नाम किया। कियान ने 240.3 अंक हासिल कर एशियाई खेलों का रिकॉर्ड भी बनाया। मिनजुंग ने 237.6 अंक बनाए। वहीं भारत की मनु भाकर का एशियाई खेलों में पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया। मनु ने इस साल गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता था। भारतीय हॉकी टीम शाम 6.30 बजे जापान के खिलाफ उतरेगी। अभी तक टीम ने पूल ए के पहले दो मैचों में इंडोनेशिया को 17-0 और हॉन्गकॉन्ग को 26-0 से हराया है। ऐसे में दर्शकों को भारतीय टीम से एक और बड़ी जीत की उम्मीद होगी। मुक्केबाजी में 60 किलो वर्ग में शिव थापा और 69 किलो वर्ग में मनोज कुमार राउंड ऑफ 16 में पहुंचने के लिए भिड़ेंगे।