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पांच हत्‍याआें के मामले में रामपाल को उम्र कैद की सजा

  • 16/10/2018

हिसार,16 अक्‍टूॅबर। सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल और उसके बेटे वीरेंद्र समेत 15 दोषियों को अदालत ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या मामले में रामपाल समेत 15 लोगों को 11 अक्टूबर को अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत ने दोषी करार दिया था। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने रामपाल समर्थकों को हिसार में प्रवेश करने से रोकने के लिए नाकेबंदी की है। रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात की गई है। रामपाल, उसका बेटा वीरेंद्र, भांजा जोगेंद्र, बहन पूनम और मौसी सावित्री के अलावा बबीता, राजकपूर उर्फ प्रीतम, राजेंद्र, सतबीर सिंह, सोनू दास, देवेंद्र, जगदीश, सुखवीर सिंह, खुशहाल सिंह, अनिल कुमार को कोर्ट ने दोषी ठहराया था। एक अन्य महिला की हत्या के केस में रामपाल समेत 14 दोषियों को 17 अक्टूबर को सजा सुनाई जा सकती है। रामपाल समेत 6 आरोपी दोनों केस में दोषी हैं। इनमें रामपाल, उसका बेटा वीरेंद्र, राजकपूर उर्फ प्रीतम, राजेंद्र, जोगेंद्र और बबीता शामिल हैं। रामपाल, वीरेंद्र, जोगेंद्र, राजेंद्र और राजकपूर उर्फ प्रीतम जेल में बंद थे, जबकि बबीता जमानत पर थी। अब सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। संजय और राजबाला भी दोनों मामलों में आरोपी हैं, लेकिन दोनों फरार हैं। दोनों मामलों में कुल 23 लोग दोषी ठहराए गए हैं। नवंबर 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम पर पुलिस ने छापेमारी की थी। पुलिस से बचने के लिए रामपाल ने अपने अनुयायियों को आश्रम के अंदर और बाहर ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हुए खड़ा कर लिया था। भीड़ के इसी जमावड़े में आश्रम के अंदर 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। आरोप है कि रामपाल के आदेश पर उसके सहयोगियों और प्राइवेट कमांडो ने लोगों को सतलोक आश्रम में बंधक बना रखा। उन्हें आश्रम से बाहर नहीं जाने दिया गया। इस वजह से दम घुटने से ये मौतें हुईं।